सभी मुहूर्त

गृह प्रवेश

नए घर में जाने और गृह प्रवेश की पूजा के अच्छे दिन।

New Delhi, India· टाइम ज़ोन इस जगह के हिसाब से है

ज़्यादा से ज़्यादा 400 दिन। चातुर्मास और अधिक मास आपकी चुनी अवधि से बड़े दायरे में खोजे जाते हैं, इसलिए छोटी अवधि पर भी वे लागू रहते हैं।

चातुर्मास की अवधियाँ
25 जुल॰ 2026 → 21 नव॰ 2026 · 14 जुल॰ 2027 → 10 नव॰ 2027
देवशयनी से प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी तक। आपकी माँगी अवधि से बड़े दायरे में खोजा जाता है, इसलिए मौसम के बीच ख़त्म होने वाली अवधि पर भी यह लागू रहता है।
अधिक मास
इस अवधि में कोई नहीं
इस अवधि में कोई अधिक (लौंद) महीना नहीं पड़ता।
मिले दिन
366 में से 41
अवधि के हर दिन को नीचे दिए नियमों पर जाँचा गया।

नवंबर 2026

25बुधवार
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
महीना
कार्तिक
26गुरुवार
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
कृष्ण द्वितीया
महीना
कार्तिक

दिसंबर 2026

3गुरुवार
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण दशमी
महीना
कार्तिक
16बुधवार
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
शुक्ल सप्तमी
महीना
मार्गशीर्ष
30बुधवार
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
तिथि
कृष्ण सप्तमी
महीना
मार्गशीर्ष

जनवरी 2027

4सोमवार
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण द्वादशी
महीना
मार्गशीर्ष
11सोमवार
नक्षत्र
धनिष्ठा
तिथि
शुक्ल तृतीया
महीना
पौष
14गुरुवार
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
तिथि
शुक्ल षष्ठी
महीना
पौष
15शुक्रवार
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल सप्तमी
महीना
पौष
20बुधवार
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
महीना
पौष
28गुरुवार
नक्षत्र
चित्रा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
महीना
पौष
29शुक्रवार
नक्षत्र
स्वाती
तिथि
कृष्ण अष्टमी
महीना
पौष

फ़रवरी 2027

8सोमवार
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
शुक्ल द्वितीया
महीना
माघ
11गुरुवार
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल पंचमी
महीना
माघ
19शुक्रवार
नक्षत्र
पुष्य
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी
महीना
माघ
25गुरुवार
नक्षत्र
चित्रा
तिथि
कृष्ण पंचमी
महीना
माघ
26शुक्रवार
नक्षत्र
स्वाती
तिथि
कृष्ण षष्ठी
महीना
माघ

मार्च 2027

4गुरुवार
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण एकादशी
महीना
माघ
10बुधवार
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
तिथि
शुक्ल द्वितीया
महीना
फाल्गुन
11गुरुवार
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल तृतीया
महीना
फाल्गुन
15सोमवार
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
शुक्ल सप्तमी
महीना
फाल्गुन
18गुरुवार
नक्षत्र
पुष्य
तिथि
शुक्ल एकादशी
महीना
फाल्गुन
24बुधवार
नक्षत्र
चित्रा
तिथि
कृष्ण द्वितीया
महीना
फाल्गुन
25गुरुवार
नक्षत्र
स्वाती
तिथि
कृष्ण तृतीया
महीना
फाल्गुन

अप्रैल 2027

1गुरुवार
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण दशमी
महीना
फाल्गुन
7बुधवार
नक्षत्र
रेवती
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
महीना
चैत्र
12सोमवार
नक्षत्र
मृगशिरा
तिथि
शुक्ल षष्ठी
महीना
चैत्र
21बुधवार
नक्षत्र
स्वाती
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
महीना
चैत्र
23शुक्रवार
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण तृतीया
महीना
चैत्र
28बुधवार
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
महीना
चैत्र

मई 2027

3सोमवार
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
तिथि
कृष्ण द्वादशी
महीना
चैत्र
12बुधवार
नक्षत्र
पुष्य
तिथि
शुक्ल सप्तमी
महीना
वैशाख
21शुक्रवार
नक्षत्र
अनुराधा
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
महीना
वैशाख
27गुरुवार
नक्षत्र
धनिष्ठा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
महीना
वैशाख
28शुक्रवार
नक्षत्र
धनिष्ठा
तिथि
कृष्ण सप्तमी
महीना
वैशाख
31सोमवार
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
तिथि
कृष्ण दशमी
महीना
वैशाख

जून 2027

14सोमवार
नक्षत्र
चित्रा
तिथि
शुक्ल एकादशी
महीना
ज्येष्ठ
21सोमवार
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
तिथि
कृष्ण द्वितीया
महीना
ज्येष्ठ
24गुरुवार
नक्षत्र
धनिष्ठा
तिथि
कृष्ण पंचमी
महीना
ज्येष्ठ
25शुक्रवार
नक्षत्र
शतभिषा
तिथि
कृष्ण षष्ठी
महीना
ज्येष्ठ

जुलाई 2027

2शुक्रवार
नक्षत्र
रोहिणी
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
महीना
ज्येष्ठ

ये दिन क्यों

  • चंद्रमा स्थिर या मृदु नक्षत्रों में से किसी एक पर है — टिकाऊ या कोमल तारे, जिन्हें शास्त्र घर में प्रवेश के लिए बताते हैं (मुहूर्त चिंतामणि)।
  • बरसात के चार महीने छोड़ दिए जाते हैं। गृह प्रवेश एक संस्कार यानी जीवन का अनुष्ठान है, और चातुर्मास में संस्कार नहीं किए जाते।
  • वे दिन छोड़ दिए जाते हैं जब शुक्र या गुरु सूर्य के इतने पास होते हैं कि दिखाई नहीं देते — शुक्र अस्त और गुरु अस्त, सूर्य से 10° और 11° के भीतर। यही दो ग्रह घर-गृहस्थी को आशीर्वाद देते हैं, और शास्त्र कहते हैं कि अदृश्य रहते हुए वे ऐसा नहीं कर सकते।
  • माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ — शास्त्र इन चार चांद्र महीनों को नए घर में जाने के लिए सबसे अच्छा बताते हैं।
  • अधिक मास (लौंद का महीना) और पितरों का पखवाड़ा (पितृ पक्ष) छोड़ दिए जाते हैं।

तारीख़ पक्की करने से पहले

  • यह किस तरह का गृह प्रवेश है। शास्त्र बिल्कुल नए घर, मरम्मत के बाद लौटने, और किसी और से ख़रीदे गए घर को तीन अलग मामले मानते हैं (अपूर्व, सपूर्व और द्वंद्व), और तीनों के नियम अलग हैं। यह सूची नहीं पूछती कि आप इनमें से कौन सा कर रहे हैं।
  • वास्तु। घर किस दिशा में है और अंदर की बनावट कैसी है, यह एक अलग विद्या है, और यहाँ उसे बिल्कुल नहीं देखा जाता।
  • दिन के भीतर सही घंटा चुनिए — राहु काल और दिन की बाक़ी घड़ियाँ दैनिक पंचांग पर हैं।
  • घर के मालिक की कुंडली दिखवा लीजिए। आम तौर पर अच्छी तारीख़ भी उस व्यक्ति के लिए कमज़ोर हो सकती है जिसका यह घर है।

यह सूची पूरे साल को कुछ चुने हुए दिनों तक छोटा करती है, और हर दिन सूर्योदय के समय का एक ही मान पढ़ती है। छपा हुआ पंचांग हर दिन के भीतर के घंटे जाँचता है और कुछ और नक्षत्र मानता है, इसलिए उसकी सूची इससे लंबी होगी और दोनों की तारीख़ें हूबहू नहीं मिलेंगी। इनमें से कोई भी किसी जानकार ज्योतिषी की जगह नहीं ले सकता।

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